सफलता का मतलब सिर्फ़ ए’ ग्रेड लाना ही नहीं होता है. और इसलिए शिक्षा सिर्फ़ अकादमिक नहीं होती है. इस महीने जबकि बच्चों को वापस स्कूल जाना है,यहाँ पर हम ये बता रहें हैं कि बच्चों की इस यात्रा को किस तरह से सफल
हमने खंड (ब्लॉक्स) का इस्तेमाल किया है, आप अलग अलग चीजें चाहिए हम रंगों से घिरे हुए है यह दर्शाने के लिए फल एक लाल सेब, एक पिला केला और एक संतरा
आराव एक दो साल से कुछ बड़ा बच्चा था और मुश्किल से बोलता था . जब उसने कुछ शब्द बोलना शुरू किए तो मैने शांति की साँस ली. परंतु जब हम लोग उसके बीच में लगातार बोलने के कारण अच्छे से कभी बातचीत नहीं कर....
तीन साल की उमर होने तक मेरे बेटे की कोई खास दिनचर्या निश्चित नहीं हो पाई थी. यह मेरे लिए चिंता का विषय था क्यूंकी उसका प्री-स्कूल जल्दी ही शुरू होने वाला था.....
सत्य स्वीकार करना ! मैं कहानी सुनाने मैं अत्यंत ही बुरी हूँ. मैं कहानियाँ पढ़ के सुना तो सकती हूँ, परंतु मैं कहानियाँ बना नहीं सकती हूँ. और बड़ी ही आसानी से मैने हमारे बच्चे को रात के समय कहानी सुनाकर सुलाने
बच्चे को गलती करने दें और उन्हें स्वयं सिखने दें | मुझे याद है मेरे पिता हम तीनो बहनों को अपने स्वयं के फैसले लेने देते थे जब हम छोटे थे तो | जैसे की क्या पहनना है , कहा छुट्टी मानाने जाना है और फिर अपने पसंद के विषय चुनने
जन्म के बाद से ही दूध हमारे बच्चे के आहार का एक एहम हिस्सा रहा है | बच्चे का पहला भोजन माँ का दूध फैटी एसिड , लैक्तोज़ , एमिनो एसिड, विटामिन, मिनरल और अन्य ज़रूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है और नवजात शिशु के लिए उपयुक्त है |
जब हम छोटे थे तब हम बहुत यात्रा किया करते थे. बस हमें व्यस्त रखने के लिए और हम यात्रा का आनंद ले सकें, हमारे पापा हम लोगों के खेलने के लिए नये खेलों की खोज करते रहतेथें. रैल्गाड़ी के किसी सुरंग से निकलते समय सेकेंड्स को गिनना
We asked parents about a resolution that they would take for their child this new year. The resolutions that were shared with us, express the desire that every parent bears in their heart
डाँट मे भी होना चाहिए आपका प्यार! एक बच्चे की नज़र से देखेंगे, तो आपका गुस्सैल चहेरा आपको रक्षसीय दिखाई पड़ेगा! कभी जाने अंजाने मे कहीं आप इस दैत्य का रूप तो धारण नही कर लेते? माँ बाप बनना और उससे जुड़ी.......
क्या छोटे और बड़े स्क्रीन्स आपके बच्चे के खेलने का अनमोल समय नष्ट कर रहें हैं? क्या आपको लगता ही आपका बच्चा टीवी के सामने बहुत समय गुज़ारता है? क्या आप परेशान हैं कि आपका .....
आपको बच्चों की मालिश क्यों करनी चाहिए? मालिश भारतीय परवरिश शैली का एक अभिन्न भाग है| जानना चाहेंगे कैसे? तो आइए आगे पढ़ें| यहाँ हम बच्चों की मालिश के बारे में कुछ तथ्यों और आम बातों की तुलना करेंगे –